अभी अभी एक बड़ी खबर सामने आ रही है, बताया जा रहा है कि तेलंगाना में फंसे झारखंड के मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया गया हे, न्यूज 18 की खबरों के अनुसार 24 बोगी की ट्रेन हटिया के रवाना की गई है TRAIN PHOTO : DEMO

झारखंड के 3 लाख मजदूरों का डाटा तैयार, CM हेमंत बोले- जरूरत पड़ी तो हवाई जहाज से लाएंगे : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने कहा कि राज्य सरकार लॉकडाउन में फंसे मजदूरों (Laborers) को वापस लाने के प्रयास में जुटी है. तीन लाख मजदूरों को डाटा तैयार किया गया है. बहुत जल्द पड़ोसी राज्यों बिहार, बंगाल, ओडिशा, उत्तीसगढ़ और यूपी में फंसे प्रवासी मजदूरों व छात्रों को बस से लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. सीएम ने उम्मीद जताई कि केन्द्र सरकार इन्हें लाने के लिए विशेष ट्रेन चलाएगी. सीएम ने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो राज्य सरकार हवाई जहाज से लोगों को वापस लाने की पहल करेगी. अधिक दूरी वाले राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल के लिए विशेष ट्रेन चलाने की संभावना बढ़ी है.

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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने गुरुवार को कोल्हान और पलामू प्रमंडल के सांसदों और विधायकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की. मुख्यमंत्री के समक्ष दोनों प्रमंडल के सांसदों एवं विधायकों ने श्रमिकों को वापस झारखण्ड लाने की बात दोहराई. मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि हर हाल में श्रमिकों को वापस लाएंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों से आ रहे श्रमिक के लिए राज्य सरकार रोजगार की व्यवस्था का प्रयास करेगी. इसके लिए सरकार कार्ययोजना तैयार कर रही है. जल्द कार्य योजना धरातल पर उतरेगी. सरकार मनरेगा पर नया गाइडलाइन लाने की तैयारी में जुटी है, ताकि अधिक रोजगार का सृजन हो सके. श्रमिकों को उनके गांव में ही रोजगार मिलेगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की वजह से किसानों को फसलों का जो नुकसान हुआ है, उसके आंकलन का निर्देश दिया गया है. आपदा प्रबंधन के तहत फसलों के नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करेगी. जहां तक किसानों को लैम्पस के माध्यम से धान की राशि के भुगतान की बात है तो किसानों को भुगतान किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि लॉकडाउन में टीकाकरण कार्य नहीं रुके. बच्चों का टीकाकरण होता रहे. हमें बच्चों एवं बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देना है. सभी जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों को जागरूक करें, ताकि राशन वितरण के समय वे ग्रामीणों के साथ उपस्थित रह सभी को आनाज मिले यह सुनिश्चित कर सकें. सभी को आनाज देना सरकार का दायित्व है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से अपने गांव लौट रहे लोगों के लिए सामाजिक पुलिसिंग को सार्थक करना है, क्योंकि बाहर से आनेवाले लोगों में संक्रमण की संभावना हो सकती है, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं. सरकार पूरी तरह से सचेत है. इस कार्य में सामाजिक स्तम्भ की बड़ी भूमिका होगी. जनप्रतिनिधि अपने स्तर से बाहर से आनेवाले लोगों की पहचान कर प्रशासन को सूचित करें, जिससे संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके. सामाजिक व्यवस्था को जागृत करने की आवश्यकता है.

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