महाराष्ट्र के औरंगाबाद स्थित बिदकीन गाँव में नजामियों ने पुलिस पर हमला कर दिया। घटना के समय पुलिस गाँव में पहुँची हुई थी। सूचना मिली थी कि वहाँ की एक मस्जिद में लॉकडाउन का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है और नमाज पढ़ने के लिए मुसलमानों की भीड़ जुटी हुई है। पुलिस के जाँच दल को देखते ही नमाजियों ने पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में एक पुलिसकर्मी को चोटें भी आईं।

पुलिस अधीक्षक मोक्षदा पाटिल ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपितों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया है। नमाज पढ़ने के लिए क़रीब 40 लोग एकत्रित हुए थे। अब तक इस मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। पत्थरबाजों में कई महिलाएँ भी थीं। बता दें कि देश भर में लॉकडाउन के दौरान किसी भी प्रकार के धार्मिक या मजहबी गैदरिंग की अनुमति नहीं है। ऊपर से महाराष्ट्र में स्थिति सबसे ज्यादा ख़राब है।

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महाराष्ट्र में अब तक कोरोना वायरस के 8590 मामले सामने आ चुके हैं। पूरे भारत के कोरोना मामलों का 29% अकेले महाराष्ट्र में है। राजधानी मुंबई की तो स्थिति सबसे बुरी है। यहाँ कोरोना के कुल 5776 मामले हैं, जो राज्य के कुल मामलों का अकेले 64% है। देश भर में कोरोना मरीजों की जितनी संख्या है, उसका लगभग 20% अकेले मुंबई में है। जहाँ ये घटना हुई, उस औरंगाबाद की स्थिति भी सही नहीं है। वहाँ अब तक 52 मामले सामने आ चुके हैं।

रमजान शुरू होने के बाद ऐसी घटनाओं में वृद्धि आई है। बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र के गाँव तेलियानपुरवा की मस्जिद के अंदर मौलवी की अगुवाई में सामूहिक रूप से जुमे की नमाज अदा की गई थी। इसकी जानकारी जब पुलिस को हुई तो वह तत्काल पहुँची, जिसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मौलवी सहित नौ नमाजियों को गिरफ्तार कर लिया था। दिल्ली में भी रमजान की खरीदारी के लिए चाँदनी चौक इलाके में मुस्लिमों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।

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