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राजस्व मंत्री ने कहा- ऑनलाइन म्यूटेशन में जान-बूझकर देरी बर्दाश्त नहीं, विशेष सचिव को दी खराब प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी

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बेईमान और कामचोर अंचल अधिकारियों (सीओ) की अब खैर नहीं है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने विभाग को ऐसे अंचल अधिकारियों पर सख्ती बरतने और दंडित करने का निर्देश दिया है। विभाग ने ऐसे अधिकारियों की ऑनलाइन क्लास लेने की भी योजना बनायी है। मुख्यालय में बैठे वरीय अधिकारी क्लासरूम एवं जूम ऐप के जरिए अंचलाधिकारियों से ऑनलाइन जवाब तलब करेंगे।

विशेषकर ऑनलाइन म्यूटेशन में उनके द्वारा जान-बूझकर की जा रही देरी को गंभीरता से लिया गया है। बैठक में यह बात सामने आयी कि सीओ बिना वाजिब कारण के ऑनलाइन म्यूटेशन को निरस्त कर देते हैं। कई मामलों में बिना कारण आवेदनों को लंबे समय तक लटकाए रखते हैं। विभाग के विशेष सचिव श्यामल किशोर पाठक को खराब प्रदर्शन करने वाले सीओ पर नकेल कसने की जिम्मेदारी दी गई है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मंडल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह समेत अन्य आला अधिकारी भी मौजूद थे। मंत्री ने ऐसे अंचल अधिकारियों पर सख्ती बरतने का निर्देश देते हुए भूमि सुधार उप समाहर्ता को अंचल अधिकारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा है।

4950 विशेष सर्वेक्षण अमीन व 550 विशेष सर्वेक्षण लिपिक की नियुक्ति एवं पदस्थापन 4 सितंबर तक
बैठक में भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचल अधिकारियों की डीएम द्वारा की जाने वाली मासिक समीक्षा प्रतिवेदन पर चर्चा हुई। बैठक मुख्य रूप से बिहार विशेष सर्वेक्षण के कार्यो की प्रगति की समीक्षा हेतु बुलाई गई थी। बिहार के 38 जिलों के 45900 राजस्व ग्रामों का चरणबद्ध सर्वेक्षण किया जाना है। मंत्री ने सर्वेक्षण के कार्यों की प्रगति के साथ निदेशालय के सामने पेश चुनौतियों एवं परेशानियों का भी जायजा लिया। निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप ने बताया कि बिहार विशेष सर्वेक्षण के लिए संविदा पर चयनित 275 विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, 550 विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, 4950 विशेष सर्वेक्षण अमीन एवं 550 विशेष सर्वेक्षण लिपिक का चयन कर लिया गया है। इनमें सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी और कानूनगो को प्रशिक्षण देकर जिलों में पदस्थापित कर दिया गया है, जबकि लिपिक और अमीन नियुक्ति एवं पदस्थापन का कार्य 4 सितंबर तक चलेगा।

निदेशालय ने विभाग से अलग बनवाया वेबसाइट आम लोग भी ऑनलाइन देख सकेंगे नक्शा
निदेशालय ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से अलग खुद की एक वेबसाइट बनवाई है। इस पर निदेशालय एवं भू-सर्वेक्षण से संबंधित सभी जानकारियों, सूचनाएं, पत्र, संबंधित वीडियो उपलब्ध हैं। सर्वेक्षण से जुड़े सभी कर्मियों के पदस्थापन की जानकारी भी है। कई महत्वपूर्ण लिंक भी उपलब्ध हैं। अगर किसी को अपने गांव का सीएस/आरएस नक्शा देखना है तो उसके लिए भू-मानचित्र नक्शा देखा जा सकता है। महत्वपूर्ण अभिलेखों को संरक्षित रखने तथा आम नागरिकों, रैयतों तथा भू-धारकों को सुगमता पूर्वक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंचल स्तर पर डाटा केंद्र-सह-आधुनिक अभिलेखागार का निर्माण कराया जा रहा है। भवन निर्माण के लिए हर अंचल को 30.65 लाख रुपए दिए गए हैं। 534 में से 426 अंचलों में भवन निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है।



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