कानपुर में मेडिकल और पुलिस टीम पर हमले के सिलसिले में अब तक 20 गिरफ्तारियॉं हुई है। 200 लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। हमला 29 अप्रैल को तब किया गया जब एक कोरोना पॉजिटिव के परिजनों को क्वारंटाइन कराने के लिए पुलिस और मेडिकल टीम उनके घर पहुॅंची थी।

डीएम ब्रह्मदेव तिवारी ने बताया कि हमले में शामिल 10 लोगों की तत्काल पहचान करते हुए गिरफ्तारी की गई। 10 और लोगों को आज गिरफ्तार किया गया है। सभी के खिलाफ में आपदा प्रबंधन एक्ट, महामारी अधिनियम, IPC की संगत धाराओं और NSA के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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न्यूज 18 हिंदी की खबर के मुताबिक हमलावरों ने पुलिस पर तेजाब से भरी काँच की बोतलें फेंकी थीं। हमले में कई पुलिसकर्मियों के कपड़े तेजाब से जल गए। उपद्रवियों ने मौके का फायदा उठाते हुए पुलिसकर्मियों पर बम और गोली भी चलाई थीं। इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए फिलहाल पुलिस फोर्स तैनात है।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मोहम्मद गुफरान, अशरफ अली, मोहम्मद आरिफ, साहिब, एहसान, इरशाद, मोहम्मद अकबर, अनीश बेग, शाहिद और ताहिर को गिरफ्तार कर नामजद किया था। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि गुरुवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद चौबेपुर में बनी अस्थायी जेल भेज दिया गया है। सभी का सैंपल भी लिया गया है। 14 दिन बाद दोबारा जाँच होगी। इसके बाद इन्हें जेल भेजा जाएगा।

आपको बता दें कि बुधवार को कानपुर में कोरोना संक्रमण के हॉटस्पॉट चमनगंज में एक कोरोना संक्रमित मरीज के परिवार के सदस्यों को क्वारंटाइन कराने के लिए लेने पहुँची पुलिस और मेडिकल की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था। गुलाब घोषी मस्जिद के पास स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम जैसे ही कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए लोगों को वहाँ से लेकर चली, ऐसे ही 50-60 लोग इसका विरोध करते हुए अपने घरों से बाहर निकल आए थे।

जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने किसी तरह से स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके से निकाल दिया। इसके बाद कई थानों के फोर्स को बुलाकर पत्थरबाजों को खदेड़ गया था। इसके बाद घटना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस हमले में दो पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं थी।

इस घटना पर तुरंत सज्ञान लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों की जल्द पहचान की जाए। ऐसे लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए। इसके साथ ही सीएम योगी ने कहा था कि आरोपितों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाए। कोरोना योद्धाओं पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे।

INPUT- ऑपइंडिया

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