दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा किया है। दुनिया की पहली अप्रूव्ड कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने के साथ ही रूस ने दुनियाभर के देशों को पीछे छोड़ दिया है। फिलहाल इस टीके को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ) रूस के संपर्क में है। बता दें रूस में इस वैक्सीन को रेगुलेटरी अप्रूवल मिल गया है। इस बीच अमेरिका में ट्रंप सरकार ने मॉडर्ना कंपनी के साथ एक डील के तहत अपनी वैक्सीन की 10 करोड़ डोज बनाने की तैयार की है। इसके पूरा होने पर कंपनी वैक्सीन तैयार करेगी।

टीके को लेकर रूस के संपर्क में डब्ल्यूएचओ

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दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन को लेकर डब्ल्यूएचओ फिलहाल रूस के संपर्क में है। डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता ने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) दुनिया की पहली संभावित कोविड​​-19 वैक्सीन को पूर्व मंजूरी देने को लेकर रूस के संपर्क में है। गौरतलब है कि किसी भी वैक्सीन को मंजूरी देने से पहले डब्ल्यूएचओ उसकी सुरक्षा और उसके कारगर होने संबंधी सभी डाटा का कठोरता के साथ आकलन करता है। इसके बाद उसकी मंजूरी दी जाती है।
रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को दुनिया की पहली वैक्सीन की जानकारी पूरी दुनिया को दी थी। उन्होंने कहा कि देश में विकसित पहली कोरोना वैक्सीन का पंजीकरण कर लिया गया है और टीका उनकी बेटियों को भी लगाया जा चुका है। हालांकि, आम लोगों के लिए यह वैक्सीन अगले साल एक जनवरी से उपलब्ध होगी।

दुनिया के विज्ञानियों ने टीके पर उठाए सवाल

दुनियाभर में अनेक विज्ञानी इस कदम को संदेह की दृष्टि से देख रहे हैं और तीसरे चरण के परीक्षण से पहले टीके का पंजीकरण करने के निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं। किसी भी टीके का तीसरे चरण का परीक्षण आम तौर पर हजारों लोगों पर महीनों तक चलता है।
एक अरब खुराक का ऑर्डर मिला

रूस में कोरोना वैक्सीन को लेकर पुतिन की घोषणा के बाद रूस के प्रत्यक्ष निवेश निधि के प्रमुख किरिल दिमित्रीव ने कहा कि इस वैक्सीन के लिए 20 देशों से एक अरब खुराक के ऑर्डर मिल चुके हैं। चार देशों में अपने सहयोगियों के साथ रूस हर साल इसकी 50 करोड़ खुराक बनाएगा।

अमेरिका-मॉडर्ना बनाएंगे टीके की 10 करोड़ डोज़
दुनिया में कोरोना वायरस का सबसे गहरा संकट अमेरिका पर मंडरा रहा है। इस लिहाज से अमेरिका को कोरोना वैक्सीन की सबसे पहले जरूरत है। इस बीच, अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी मॉडर्ना(Moderna) के साथ एक डील तैयार की है। इसको लेकर मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने मॉडर्ना(Moderna) के साथ अपनी कोरोना वैक्सीन को लेकर एक समझौता किया है, जिसके तहत टीके की 10 करोड़ डोज़ तैयार की जाएगी। ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सरकार इन वैक्सीन डोज की मालिक होगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने मॉडर्ना से करार की जानकारी एक प्रेस ब्रीफिंग में दी।
भारत में वैक्सीन की विशेषज्ञ समिति की बैठक आज

भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर आज विशेषज्ञ समिति की बैठक होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस बैठक में वैक्सीन की खरीद व प्रबंधन के लिए लॉजिस्टिक और नैतिक पहलू पर विचार किया जाएगा। यह समिति राज्य सरकारों और वैक्सीन निर्माताओं सहित अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगी।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के मुताबिक, वर्तमान में भारत में तीन टीके ट्रायल के अलग-अलग चरणों में हैं। दो टीके- भारत बायोटेक की वैक्सीन फेज 1 का ट्रायल पूरा कर चुकी है, वहीं जाइडस कैडिला की वैक्सीन फेज 2 ट्रायल जल्द शुरू करेगी। तीसरी वैक्सीन ऑक्सफोर्ड की है। यह वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बना रहा और इसे फेज 2 और फेज 3 के ट्रायल का अनुमति मिल गई है, जो 17 जगहों पर शुरू होगी।

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