Patna: कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश सहित बिहार में लॉकडाउन चल रहा है. वहीं, लॉकडाउन के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार की शाम पांच बजे कैबिनेट की बैठक की. इस कैबिनेट बैठक में कुल 10 प्रस्‍तावों पर मुहर लगी. जहां सरकार की ओर से शिक्षक बहाली का बड़ा निर्णय लिया गया है. नीतीश कैबनेट में एक बड़ा फैसला लेते हुए 33 हजार 916 शिक्षक बहाली का फैसला लिया गया है.

कैबिनेट की इस बैठक में उच्च माध्यमिक विद्यालय में कुल 32 हजार 916 माध्यमिक शिक्षक के पद पर बहाली की स्वीकृति मिली है. जिसमें कुल एक हजार पद कंप्यूटर शिक्षक के होंगे. तो वहीं नीतीश कैबिनेट की इस अहम बैठक में फसलों के नुकसान के लिए 518 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है. बैठक में कृषि इनपुट सब्सिडी के लिए राशि दी गई है. ऐसा निर्णय मार्च में ओला वृष्टि और बे मौसम बरसात में फसलों की क्षति को लेकर लिया गया है. इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों में ठेके पर काम कर रहें कर्मियों को भी बड़ी राहत दी गई है. राज्य सरकार ने संविदाकर्मियों को मार्च और अप्रैल महीने का वेतन उपस्तिथि पंजी देखे बगैर ही देने का निर्णय लिया गया है. कैबिनेट ने बिना उपस्तितजी पंजी के वेतन निर्गत करने के एजेंडे पर मुहर लगाई है.

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दरअसल लॉकडाउन के बाद सरकार ने सभी दफ्तरों में आने वाले कर्मचारियों को एक साथ आने पर रोक लगा दी थी. उन्हें बारी-बारी से दफ्तर में बुलाया जा रहा था. कई सरकारी दफ्तर बंद कर दिए गये थे. वहीं सरकारी दफ्तरों में ट्रेन-बस से आने वाले कर्मचारियों को दफ्तर आने से मना कर दिया गया था. ऐसे में ज्यादातर संविदाकर्मी दफ्तर आकर हाजिरी नहीं बना पाए थे. ऐसे संविदाकर्मियों के लिए ये राहत की ख़बर है.बता दें कि केंद्र सरकार पहले ही कोरोना के कारण दफ्तर नहीं आने वाले कर्मचारियों का वेतन नहीं काटने का एलान कर चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निजी संस्थानों से भी अपील की है कि वे कोरोना के दौर में अपने कर्मचारियों का वेतन नहीं रोके और उन्हें पूरा भुगतान करें.

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