PATNA : बिहार में बाढ़ के गहराए संकट के बीच नाव हादसे लगातार बढ़ रहे हैं. शनिवार को समस्तीपुर के फुहिया गांव के समीप करेह नदी में तेज हवा के कारण यात्रियों से भरी एक नाव पलट गई. जिसमें एक यात्री लापता हो गया है.ग्रामीणों ने 8 लोगों को पानी से बाहर निकाल लिया. वहीं बिहार में 1,333 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं. आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने बताया सूबे के 16 जिलों के कुल 130 प्रखंडों की 1,333 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं. छह राहत शिविरों में कुल 5,186 लोग ठहराये गये हैं. 269 कम्युनिटी किचेन चलाये जा रहे हैं. इनमें प्रतिदिन दो लाख नौ हजार 728 लोग भोजन कर रहे हैं.
पटना. शनिवार को दिन भर बादल छाया रहा व पूरवा हवा चलती रही. वहीं, शाम में अचानक काले बादल छाने लगे और थोड़े देर में रिमझिम बारिश भी हुई. इससे राजधानी का मौसम सुहाना हो गया.
गोपालगंज : गंडक के जल स्तर आयी कमी के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से भी तेजी से पानी तो उतर रहा है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों का दर्द थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब भी 90 हजार से अधिक परिवार बाढ़ से मिले दर्द से कराह रहे हैं. मुख्य रूप से जिला का चार प्रखंड बाढ़ से प्रभावित है. संभावनाओं के अनुसार बाढ़ का पानी तो एक माह में कम हो जायेगा, लेकिन बाढ़ से हुए नुकसान की भरपायी करने में पीड़ितों को लंबा समय लगेगा.

छपरा के अमनौर में बाढ़ की कहर से अब भी कई पंचायतों के दर्जनों गांव पूरी तरह प्रभावित है. अमनौर के अमनौर कल्याण, अमनौर हरनारायण, धरहारा खुर्द मनोरपुर झखड़ी, धर्मपुर जाफर ,ढोरलाही कैथल, बसंतपुर, शेखपुरा, मदारपुर, परसा व तरवार पंचायत में बाढ़ का पानी अभी कम होने का नाम नहीं ले रहा है. वहां के लोगों का रोजमर्रा का कार्य पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है. लोगों में हाहाकार मचा हुआ है. जीवन जीने के लिए रोजमर्रा व जरूरत के सामान लाने के लिए बाढ़ का पानी पार कर प्रखंड मुख्यालय व नजदीकी बाजार जाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, बिजली की नियमित आपूर्ति नहीं होने से बाढ़ के पानी के बीच रात गुजारने पर विवश हैं. लोग शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं.

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