उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों में आप के निलंबित निगम पार्षद ताहिर हुसैन का नाम मुख्य रूप से सामने आया है। उसकी इमारत से हिंदुओं पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंके गए। गोलियॉं चलाई गई। आईबी के अंकित शर्मा सहित कई लोगों की निर्मम हत्या उसके ही घर में लाकर की गई। एक विडियो में वह खुद लाठी लिए हुए दिखा था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार ताहिर की तलाश में पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी है। इस बीच उसने दिल्ली के एक कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की है। इस पर आज यानी बुधवार को सुनवाई होगी।

दिल्ली पुलिस के अनुसार हिंसा मामले को लेकर 436 केस अब तक दर्ज हो चुके हैं। इसमें 45 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं। 1,427 लोग अब तक हिरासत में लिए गए हैं या गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज किया है जिनमें दावा किया गया था कि ताहिर के घर पर दंगाइयों ने कब्जा कर लिया था। उसे खुद पुलिस ने बचाया था। दिल्ली पुलिस प्रवक्ता एमएस रंधावा के अनुसार 24 फरवरी की रात एक पार्षद के फॅंसे होने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुॅंची तो वह अपने घर पर मिला। 26 फरवरी को अंकित शर्मा का शव मिला और ताहिर पर आरोप लगे। इसके बाद उसके घर की तलाशी ली गई और सबूत जुटाए गए। रंधावा ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है और वह जल्द गिरफ्त में होगा।

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कुछ मीडिया रिपोर्टों में ताहिर के जामिया और ओखला के आसपास के इलाकों में छिपे होने की संभावना है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को पुलिस ने चॉंदबाग और उसके आसपास के इलाकों में ताहिर की तलाश में छह संभावित ठिकानों पर दबिश दी। लेकिन सफलता नहीं मिली। हालॉंकि ताहिर भले पुलिस से आँखमिचौली खेल रहा हो लेकिन जो तथ्य सामने आ रहे हैं उससे उस पर शिकंजा और कसता ही जा रहा है।

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