PATNA : पटना एम्स में भर्ती कोरोना संक्रमित युवक ने बाथरूम की खिड़की से कूदकर अपनी जान दे दी। 21 वर्षीय युवक राहुल तीसरी मंजिल पर स्थित कोविड वार्ड में सोमवार से भर्ती था। जैसे ही शाम को यह खबर एम्स प्रशासन और वहां भर्ती मरीजों को मिली, वहां कोहराम मच गया। आनन-फानन में वहां के वरीय चिकित्सक घटनास्थल पर पहुंचे। वहां मृतक का सर पूरी तरह से फट चुका था और वहीं उसकी मौत हो गई थी। एम्स नोडल पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि युवक सोमवार 20 जुलाई से ही भर्ती था। शुक्रवारकी शाम को उसने बाथरूम की खिड़की से कूदकर अपनी जान दे दी। मृतक राहुल के परिजनों ने बताया कि भर्ती होने के बाद से ही वह काफी घबराया हुआ था। शुक्रवार को दोपहर बाद तीन बजे भी उससे उनकी बात हुई। भर्ती कराने के बाद उसका भाई एम्स के सामने ही एक गेस्ट हाउ में रहता था। राहुल के जूस मांगने पर उसने दोपहर में जूस भी पहुंचाई थी। बताया कि वह उल्टी और दस्त से परेशान था।

परिवार वालों ने बताया कि डॉक्टर अथवा नर्सिंग स्टाफ द्वारा उसकी बात नहीं सुने जाने की भी शिकायत उसने की थी। राहुल बिहटा के रामबाग के डीजे कॉलेज में बीए का छात्र था। उसके पिता रेलवे में एसआईएमए के पद पर कार्यरत हैं। एम्स में कोरोना संक्रमित द्वारा किया गया दूसरी आत्महत्या है। पिछले महीने दिल्ली में रेलवे लोको पायलट के पद पर कार्यरत तबरेज नामक व्यक्ति ने भी आत्महत्या की थी। वह खगौल का निवासी था। कोरोना से शुक्रवार राज्य के दो डॉक्टरों की मौत हो गई। इलाज के दौरान एम्स में इनकी मौत हुई। एम्स के नोडल पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार ने बताया कि पीएमसीएच के रेडियोथेरेपी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह और अरवल में तैनात और सुपौल निवासी हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र चौधरी की मौत इलाज के दौरान हुई थी। डॉ. मिथिलेश शुक्रवार को ही दिन में ही एम्स में भर्ती कराए गए थे जबकि डॉ. महेंद्र पिछले सात दिनों से भर्ती थे। वहीं मसौढ़ी के डॉ. अवधेश कुमार सिंह की मौत भी इलाज के दौरान किसी निजी नर्सिंग होम में हुई। हालांकि उनकी कोरोना जांच नहीं हो पाई थी।

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