Patna: कोरोना की जंग जीतने में जुटी बिहार सरकार ने अब तक करीब 34 लाख घरों के 1.84 करोड़ लोगों का सर्वे कर चुकी है. इनमें केवल 980 लोगों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षण पाए गए हैं. प्लस पोलियो अभियान की तरह चलाये जा रहे इस अभियान को लेकर बिहार सरकार गंभीर है और आनेवाले दिनों में इसे और भी गति देने की प्लानिंग है. लॉकडाउन में अपनाए गये सोशल डिस्टेंसिंग का ही परिणाम माना जा रहा है कि राज्य में दूसरी बीमारियों में भी कमी आई है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह कोरोना संक्रमण के साथ ही बर्ड और स्वाइन फ्लू को लेकर भी सतर्कता बरतने के निर्देश अधिकारियों को दिया है. मुजफ्फरपुर और आस-पास के इलाकों में एईएस और गया के क्षेत्रों में जेई को लेकर भी पूरी तरह गंभीरता बरतने की हिदायत स्वास्थ्य विभाग को दी गई है. भीषण गर्मी के अहसास के बीच जेई की वैक्सिन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चि करने का फैसला भी सीएम की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया है.

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Coronavirus Indore News: These women doing 10 hours continuous ...

सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि सात निश्चय योजना के तहत हर घल नल का जल, हर घर तक पक्की नाली-गली और शौचालय निर्माण, जल-जीवन-हरियाली और मनरेगा के तहत तालाबों-पोखरों का जीर्णोद्धार जैसे कार्य में तेजी लाई जाए. इसका मकसद रोजगार पैदा करना है और अधिक से अधिक मजदूरों को काम देना है.

सरकार का फैसला है कि मनरेगा के अंतर्गत एक एकड़ से कम क्षेत्र वाले तालाबों का निर्माण भी तेज़ी से कराने का फैसला सरकार के स्तर पर लिया जा चुका है. जल संसाधन विभाग द्वारा कटाव निरोधक और बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों को समय पर पूरा कराने का निर्णय लिया गया है ताकि मजदूरों को रोजगार मिल सके. इस काम से साथ ही बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य भी पूरे होंगे. सरकार यह पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सात निश्चय योजना में रोजगार उपलब्धता में स्थानीय मजदूरों का उपयोग किया जाए.

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