आजमगढ़ में दलित बालिकाओं से छेड़छाड़ के मामले में CM योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्याचार तथा अपराध के मामले में बेहद सख्त हैं। जौनपुर में दलितों के साथ मारपीट के बाद घर जलाने के आरोपतियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई है। आजमगढ़ में भी दलित बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में एक दर्जन लोगों को अंदर भेजने के साथ एनएसए लगाया जा रहा है।

आजमगढ़ के महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र में दलित बालिकाओं के साथ कई दिन से हो रही छेड़छाड़ तथा हमला के मामले का सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उनके निर्देश पर आज महराजगंज थाना प्रभारी को निलंबित करने के साथ आरोपी परवेज, फैजान, नूर आलम व सदरे आलम समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई के निर्देश हैं। इस घटना में फरार चल रहे सात आरोपितों पर एसपी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित करते हुए सभी आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर व एनएसए के तहत कार्रवाई का निर्देश दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश है कि अगर कही पर भी सांप्रदायिक या जातीय घटना हुई तो इंस्पेक्टर के साथ सीओ के खिलाफ कार्रवाई होगी और एसपी-एसएसपी के खिलाफ की भी जवाबदेही होगी। योगी आदित्यनाथ ने इस तरह के कृत्यों पर गुंडों पर रासुका लगाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पुलिस कप्तानों को जातीय बवाल पर सख्ती का निर्देश दिया गया है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महराजगंज क्षेत्र के सिकंदरपुर आइमा गांव में बुधवार की देर शाम को छेड़खानी को लेकर एक अनुसूचित बस्ती के लोगों पर हुए हमले के मामले को संज्ञान लिया। उन्‍होंने एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह को फटकार लगाई। सीएम के सख्ती के बाद एसपी ने आनन-फानन में महराजगंज थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर अरविंद पांडेय को निलंबित कर दिया।
आजमगढ़ में यह सभी आरोपी रोज ट्यूबेल पर पानी लेने जा रही दलित बालिकाओं से करते छेडख़ानी करते थे। इस छेडख़ानी का विरोध करने पर इन लोगों ने लड़कियों के साथ उनके परिवार के लोगों के साथ मारपीट भी की। सिकंदरपुर आइमा गांव में अनुसूचित बस्ती के किशोरी के साथ गत बुधवार यानी 10 जून को दूसरे वर्ग के युवक ने छींटाकशी के साथ छेड़खानी की थी। इसी बात को लेकर उनमें विवाद हो गया था। विवाद के बाद वर्ग विशेष के लोगों ने अनुसूचित बस्ती पर लाठी-डंडा व धारदार हथियार से लैस होकर हमला बोल दिया था।


हमले में दर्जन भर लोग घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष के विनोद की तहरीर पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के परवेज, फैजान, नूर आलम, सदरे आलम, आरिफ, आमीर, आशीफ, अल्तमस, सुहेल के खिलाफ नामजद व दस अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में भी ले लिया था। जौनपुर के मामले में 58 नामजद व 100 अज्ञात आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया गया था।

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