PATNA : प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी (PM Modi) 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि (Bhoomi Pujan) पूजन करेंगे. इसके लिए देश के कई स्थानों और नदियों से मिट्टी व जल लाया जा रहा है. इस कड़ी में बिहार के बक्सर (Buxar) जिले में एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां रामभक्त बक्स से गांग नदी का जल और मिट्टी लेकर अयोध्या के लिए रवाना हो गए हैं. बताते चले कि बक्सर प्रभुराम की शिक्षा स्थली रही है. जानकारी के मुताबिक, बक्सर से मिट्टी और गंगाजल के साथ कई श्रद्धालु राम मंदिर भूमी पूजन के लिए अयोध्या रवाना हो गए हैं. विश्वामित्र सेवा संघ के संयोजक जगदीश चन्द्र पाण्डेय ने बताया कि बक्सर से श्रद्धालु सारी सामग्रीयों के साथ बाइक से अयोध्या पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने बक्सर के पंचकोसी क्षेत्र की परिक्रमा की थी. तब श्रीराम बक्सर में ही महर्षि विश्वामित्र से शिक्षा ग्रहण के लिए आए थे. और रामरेखा घाट पर गंगा स्नान करके श्रीरामेश्वरनाथ की पूजा अर्चना की थी. तब से आज तक श्रीराम की आस्था से बक्सर जुड़ा हुआ है.

त्रेतायुग में प्रभुराम ने अपने गुरु विश्वामित्र जी के साथ पांच गांवों का भ्रमण के दौरान पांच ऋषि-मुनियों से मिलकर आशिर्वाद लिया था. अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमी पूजन में बक्सर से उन सभी जगहों की मिट्टी जा रही है जहां- जहां से प्रभु राम का संबंध रहा है. रामायण सर्किट के तहत चरित्र वन, संगमेश्वरनाथ, श्रीवामन अवतार भूमि, सोमेश्वर नाथ, चितरवेश्वर नाथ, महर्षि विश्वामित्र आश्रम, राम चबुतरा, रामरेखा घाट, रामेश्वर नाथ, ताड़क नाला, सिद्धेश्वर नाथ, माता अहिल्या आश्रम, नारद मुनि आश्रम, भार्गव आश्रम, पुनवासी सरोवर, कवलदह पोखर, विश्राम कुंड, गौरी स्थान और बाबा बर्मेश्वर नाथ की मिट्टी भूमि पूजन में अर्पित की जाएगी. सिद्धाश्रम बक्सर अपने आप में सनातन धर्म का मुख्य केंद्र रहा है. हर युग में इसने अपनी महत्ता को बरकरार रखा है. तभी अयोध्या धाम में बनने वाले राम मंदिर में भी बक्सर की महत्ती भूमिका है.

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