PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनी के अधिकारियों को राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया . उन्होंने कोरोना काल को देखते हुए सरकार द्वारा बिजली पर कुछ सब्सिडी देने का आश्वासन भी दिया. वहीं लोगों से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील की. उन्होंने दोहराया कि आगे काम करने का मौका मिला तो हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचायेंगे. इसके लिए छोटी नदियों को जोड़कर सिंचाई सुविधाओं का विकास किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 में मात्र 700 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही थी जो आज बढ़कर 5,932 मेगावाट हो गयी है. 2015 में सत्ता में आने के बाद सात निश्चय कार्यक्रम में हर घर बिजली लागू किया गया. यह काम अक्तूबर 2018 में ही पूरा हो गया. इसके बाद जर्जर तारों को बदलने का काम भी 2019 के अंत तक पूर्ण कर लिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली के उपभोक्ताओं को पहले से ज्यादा सब्सिडी अभी मिल रही है. सरकार 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बिजली सब्सिडी पर खर्च कर रही है.

खेती के लिए बिजली कनेक्शन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इच्छुक किसानों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके लिए अब तक दो लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा जो भी आवेदन प्राप्त होंगे, उन्हें भी खेती के लिए बिजली का कनेक्शन उपलब्ध कराया जायेगा. इसके लिए कृषि फीडरों का निर्माण कराया जा रहा है. सरकार डीजल पर भी 60 प्रति लीटर की सब्सिडी दे रही है. लेकिन इससे पहले सिंचाई करने में जहां सौ रुपये खर्च होते थे, अब बिजली से उस पर पांच रुपये से भी कम खर्च हो रहे हैं. हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, ऊर्जा विभाग सर्वेक्षण कर कार्ययोजना बना रहे हैं. सीएम ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण के लिए सात योजनाओं के माध्यम से कार्य किये जा रहे हैं. तालाब, आहर, पइन, पोखर, छोटी नदियों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है. रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से भूजल स्तर को मेंटेन रखने के लिए कार्य किये जा रहे हैं. छोटी नदियों को आपस में जोड़कर जल की उपलब्धता बनी रहे, इस योजना पर भी काम चल रहा है. ऊपर बिजली और नीचे मछली योजना पर भी काम चल रहा है.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली की लगातार उपलब्धता से लालटेन और ढिबरी की जरूरत नहीं रही. कुछ लोगों को बेवजह बोलने की आदत है कुछ भी बोलते रहते हैं. 2005 में न्याय यात्रा के दौरान शाम जब वापस लौटते थे तो बिल्कुल अंधेरा रहता था और सड़क किनारे कोई भी व्यक्ति नहीं दिखता था. अब हेलीकॉप्टर से रात में नीचे देखने पर बिजली की सभी जगह उपलब्धता से अनुपम दृश्य का अनुभव होता है. कोरोना संक्रमण के दौर में लॉकडाउन से लेकर अभी तक लोगों को घरों में रहना पड़ रहा है, लेकिन बिजली की लगातार उपलब्धता से बच्चों को पढ़ने में सुविधा के साथ ही लोगों को घरों में रहने में तकलीफ महसूस नहीं हो रही है.

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