PATNA: कोरोना संकट के बीच आर्थिक संकट से जूझ रही एअर इंडिया ने पिछले दिनों कर्मचारियों की संख्या कम करने का प्लान बनाया था जिसके तहत कर्मचारी बिना वेतन के लंबी छुट्टी पर जा सकेंगे. अब एअर इंडिया ने एक समिति का गठन किया है जो ऐसे लोगों की तलाश करेगी जिन्हें बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जा सकेगा. एअर इंडिया की ओर से अपने कर्मचारियों के लिए लीव विदाउट पे (एलडब्ल्यूपी) स्कीम लाने के बाद अब इसके अमल के लिए एक समिति का गठन किया गया है जिसका काम यह तलाशना होगा कि एअर इंडिया में ऐसे कौन से अतिरिक्त और अनावश्यक कर्मचारी हैं जिन्हें बिना वेतन लंबी छुट्टी पर भेजा जा सकेगा. समिति को यह रिपोर्ट 11 अगस्त तक सौंपने को कहा गया है.

कंपनी के कर्मचारियों को उनकी दक्षता, क्षमता, प्रदर्शन की गुणवत्ता, कर्मचारियों का स्वास्थ्य आदि के आधार पर चयन किया जाएगा कि किन्हें छुट्टी पर भेजा जाएगा. पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रही एअर इंडिया को लॉकडाउन की मार का भी असर अन्य एअरलाइंस कंपनियों की तरह पड़ा. एअर इंडिया ने कर्मचारियों की संख्या कम करने का प्लान बनाया जिसके तहत कर्मचारी बिना वेतन के लंबी छुट्टी पर भेजे जाएंगे. इसे लीव विदाउट पे (एलडब्ल्यूपी) कहा गया और यह छुट्टी 6 महीने से लेकर पांच साल तक हो सकती है.

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कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बंसल को यह अधिकार दिया गया है कि वह कुछ कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से बिना वेतन के 6 महीने से लेकर 5 साल तक की छुट्टी पर भेज सकते हैं. कोरोना की वजह से अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान सेवा पर लगी रोक को 31 जुलाई तक बढ़ा दी गई है. नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने पिछले दिनों इसकी अधिसूचना जारी कर जानकारी दी थी.

महामारी के कारण भारत ने 23 मार्च से अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध लगा रखा है. साथ ही घरेलू विमान सेवाओं को भी बंद कर दिया गया था. हालांकि 25 मई से घरेलू उड़ानें शुरू कर दी गई. घरेलू उड़ान सेवाओं के लिए कोरोना से जुड़ी डिटेल गाइडलाइंस भी जारी की गई थीं.

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