PATNA : बिहार में कई स्थानों पर हुई जमकर बारिश के बाद गंगा कोसी समेत कई नदियां लाल निशान के पार हो गईं हैं। इस बीच पूर्वी चंपारण में बूढ़ी गंडक का रिंग बांध टूटने से नए इलाकों में पानी फैल गया है। सुगौली के भवानीपुर गांव के पास बांध पर दबाव बढ़ गया है। उधर, समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर आठवें दिन भी ट्रेनों का परिचालन बंद है। पश्चिम चंपारण में गंडक के कटाव से वाल्मीकिनगर से लगी भारत-नेपाल सीमा पर खतरा मंडराने लगा है। इस बीच बीते 24 घंटे के दौरान सूबे में डूबने से 16 और वज्रपात से आठ लोगों की मौत हो गई है।

पूर्व बिहार, कोसी और सीमांचल इलाके के कटिहार में महानंदा का जलस्तर शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी दिन भी खतरे के निशान से ऊपर है। गंगा नदी चेतावनी स्तर के ऊपर बह रही है। कोसी के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है, लेकिन यह लाल निशान के ऊपर है। पूर्णिया से होकर गुजरी महानंदा एवं कनकई खतरे के निशान से ऊपर हैं। खगडिय़ा में नदियों के उफान के कारण नए इलाकों में पानी फैल रहा है। मधुबनी में कमला बलान खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। सीतामढ़ी में बागमती और अधवारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। खगडिय़ा जिले के 95 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। नए इलाकों में पानी फैलता जा रहा है। 80 हजार की आबादी इसकी चपेट में आ चुकी है। सरकारी आंकड़े के अनुसार अब तक 12 सौ के करीब लोग विस्थापित हुए हैं। सुपौल में कोसी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बावजूद कोसी के तटबंध पर दबाव की कोई सूचना नहीं है। मधेपुरा जिले के आलमनगर व चौसा के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। महानंदा और कनकई से क्षेत्र में कटाव जारी है।

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उत्तर बिहार के पश्चिम चंपारण में गंडक का जलस्तर 2.95 लाख क्यूसेक रहा। पूर्वी चंपारण के महुआवा बैरिया में बूढ़ी गंडक का रिंग बांध टूट गया। इससे पकड़ीदयाल और पिपरा प्रखंड के कई गांवों में पानी फैल गया है। सुगौली के भवानीपुर गांव के पास बांध पर दबाव बढ़ गया है। मधुबनी में कमला बलान उफान पर है। धौस नदी का पानी गांवों में फैलने लगा है। समस्तीपुर शहर के मगरदही घाट पर लोहा पुल व रेल पुल को बूढ़ी गंडक नदी ने छू लिया है। जिला प्रशासन ने दोनों पुलों पर बांस -बल्ला लगा कर आवाजाही रोक दी है। समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर सातवें दिन भी ट्रेनों का परिचालन बंद रहा। शिवहर में तटबंधों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दरभंगा में परेशानी कम नहीं हो रही है। मुजफ्फरपुर शहर के नए क्षेत्रों में बूढ़ी गंडक नदी का पानी फैल रहा है। पश्चिम चंपारण में गंडक के कटाव से वाल्मीकिनगर से लगी भारत-नेपाल सीमा पर खतरा मंडराने लगा है। सारण जिले के 20 प्रखंडों में सात पूरी तरह बाढग़स्त हैं। बाढ़ से सारण की दो लाख 50 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। जिले के पानापुर, तरैया, अमनौर मकेर, मशरक,अमनौर एवं मढ़ौरा प्रखंड में बाढ़ से प्रभावित हैं। गोपालगंज के मांझा प्रखंड के पुरैना गांव में टूटे सारण तटबंध से गंडक नदी के पानी का बहाव थम गया है। तटबंध की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है।

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