PATNA : कृषि से संबंधित बिल पर एनडीए में फूट पड़ गई है. मोदी सरकार में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल (Harsimrat Kaur Badal) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हरसिमरत कौर बादल ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. बादल ने अपने ट्वीट में लिखा कि ‘मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व.’ हरसिमरत कौर बादल से पीएम को इस्तीफा देते हुए अपने पत्र में लिखा कि किसान और अकाली दल पूरक हैं क्योंकि पार्टी सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव के समतावादी दृष्टिकोण से प्रेरित है, जिन्होंने करतारपुर साहिब में अपने खेतों में एक विनम्र किसान के रूप में काम करते हुए लगभग 20 साल बिताए थे. यह दिखाने के लिए पर्याप्त है कि अकाली दल के लिए किसानों के क्या मायने हैं.

बता दें कि इससे पहले लोकसभा में अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल कृषि संबंधी विधेयकों के विरोध में सरकार से इस्तीफा देंगी. गौरतलब है कि केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल मोदी सरकार में अकाली दल की एकमात्र प्रतिनिधि हैं. सुखबीर बादल ने कहा, ‘शिरोमणि अकाली दल किसानों की पार्टी है और वह कृषि संबंधी इन विधेयकों का विरोध करती है. निचले सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, शिरोमणि अकाली दल ने कभी भी यू-टर्न नहीं लिया.’ बता दें कि संसद के मानसून सत्र के पहले दिन केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कृषि से जुड़ा तीन विधेयक लोकसभा में पेश किया था. ये विधेयक हैं, 1-कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, 2-आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन, 3-मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश. इन विधेयकों को लेकर देश के कई राज्यों के किसान विरोध कर रहे हैं. अलग-अलग शहरों में किसानों ने कृषि से जुडे केंद्र सरकार के विधेयक के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और जमकर विरोध कर रहे हैं.

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