नौकरी जाने से परेशान गैस एजेंसी के कम्प्यूटर आपरेटर ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। सुबह परिवार वालों को घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने पूछताछ की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पास से एक सुसाइड लेटर मिला, जिसमें कंपनी मालिक दोषी ठहराया है।

चने बेचने के साथ किया था बीएससी :

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आर्थिक कमजाेर परिवार के शिवम ने बसों में चने बेचकर अपनी पढ़ाई के लिए फीस का बंदोबस्त किया, तब उसने बीएससी तक पढ़ाई की थी। साथ ही कम्प्यूटर डिप्लोमा भी किया था। वह चार भाइयो में सबसे बड़ा था। मिलनसार और होनहार था। शिवम के जाने देने के कदम से माता-पिता और भाइयों की आंख से आंसू नहीं रुक रहे हैं। नाते-रिश्तेदार शिवम के परिजनों को सांत्वना देते, फिर एक कोने में जाकर खूब रोते। इस दर्दनाक दृश्य को देख मोहल्ले वालों की भी आंखों के आंसू रुक नहीं सके।

ये है मामला :

शाहजहांपुर के बजरिया निवासी नन्हे के बेटे शिवम की उम्र 21 साल थी। रात शिवम के परिवार के लोग गर्मी के चलते छत पर सो रहे थे। तभी रात किसी समय शिवम छत से नीचे आया, फिर कुंडे से फांसी लगा लगाकर अपनी जान दे दी। सुबह परिजन नीचे आए तो देखा कि शिवम फांसी के फंदे पर झूल रहा था। उसके शव को देख परिवार में कोहराम मच गया। मेन बाजार में रोड पर घर होने से लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि शिवम सावित्री गैस एजेंसी पर कम्प्यूटर आपरेटर था। एजेंसी पर दो कम्प्यूटर आपरेटर हैं। एक दिन पहले मैनेजर ने शिवम का हिसाब कर दिया था। नौकरी जाने से शिवम परेशान था, नौकरी जाने से परेशान शिवम ने आत्महत्या कर ली।

मालिक बोला, कोई विवाद नहीं था
गैस एजेंसी मालिक अरुण कुमार सोनू ने बताया कि एजेंसी पर दो कम्प्यूटर आपरेटर हैं। काम कम होने से मैनेजर ने एक दिन पहले शिवम का हिसाब कर दिया था। कोई विवाद नहीं था। मुझसे शिवम की बात नहीं हुई। शिवम की मौत से हम सब दुखी हैं। सदमे में हैं।

सुसाइड नोट मिला
शिवम ने अपनी जान देने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा। सुसाइड नोट में शिवम ने बगैर सूचना के नौकरी से हटाने का आरोप लगाते हुए श्रम विभाग को भी शिकायत भेजने का उल्लेख किया है। सहकर्मियों को भी नौकरी जाने का दोषी बताते हुए एजेंसी मालिक पर बात न करने का आरोप लगाया है।

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