PATNA : पटना रिंग रोड का नक्शा फाइनल हो गया है। पटना, सारण और वैशाली जिले की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क-सेतु परियोजना से पटना को महानगर बनाने में मदद मिलेगी। कुल 127 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में दो महासेतु बनेंगे। अबतक 70 किलोमीटर लंबाई में जमीन अधिग्रहण संबंधी समस्याएं दूर कर ली गई हैं। बचे 57 किलोमीटर के लिए राज्य सरकार ने जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस परियोजना से सबसे अधिक फायदा पटना को मिल रहा है, क्योंकि गंगा नदी के दक्षिण की तरफ 63 किलोमीटर लंबा रिंग रोड (दक्षिणी हिस्सा) पटना जिले से गुजर रहा है। वहीं गंगा नदी के उत्तर की तरफ 34 किलोमीटर लंबा रिंग रोड (उत्तरी हिस्सा) दो जिलों (वैशाली और सारण) से गुजरेगा। दो महासेतु (कुल लंबाई-30 किलोमीटर) भी इसी परियोजना के हिस्से हैं। इसमें कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन ब्रिज की लंबाई 19 किलोमीटर और शेरपुर-दिघवारा सिक्स लेन ब्रिज की लंबाई 11 किलोमीटर है।

कुल 4 पैकेज में बंटी इस परियोजना के पहले पैकेज के तौर पर कन्हौली-रामनगर हिस्से (39 किलोमीटर) का टेंडर हो गया है। सिक्स लेन सड़क की निर्माण लागत 826 करोड़ तय की गई है। टेंडर की अंतिम तिथि 8 अगस्त है। 24 माह में काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। बिहटा के पास स्थित कन्हौली से प्रारंभ होकर सदीसोपुर, नौबतपुर, डुमरी होते हुए पटना-मसौढ़ी पथ पर लखना के पास पार कर रामनगर (एसएच-78) तक यह सड़क बनेगी। वहीं कच्ची दरगाह पुल (एप्रोच रोड समेत 21 किलोमीटर) निर्माणाधीन है, जिसे राज्य सरकार जायका से लोन लेकर बनवा रही है। इसके साथ ही शीतलपुर-दिघवारा हिस्से (11 किलोमीटर) का निर्माण भी एनएचएआई मधुकॉन एजेंसी से करवा रहा है। इस तरह कुल 70 किलोमीटर में निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

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