Patna: अब विश्वविद्यालय विद्यार्थियों से मोटी फीस के लिए अपनी मर्जी से वोकेशनल कोर्स नहीं तय कर पाएंगे और ना ही सीटों का निर्धारण भी खुद से कर पाएंगे। इसके लिए पहले उच्च शिक्षा निदेशालय को प्रस्ताव भेजना होगा और मान्यता मिलने के बाद ही कोई काम होगा। अभी तक यूनिवर्सिटी खुद से ही अपने निकायों से कोर्स और सीट तय कर इसे लागू कर देती थी और बाद में सरकार को इसकी सूचना देती थी।

वोकेशनल के साथ PG पर भी नजर
वोकेशनल के साथ स्नातक और PG में भी बिना सरकार की अनुमति के सीट में वृद्धि नहीं हो सकेगी। पूर्व में इसमें भी यूनिवर्सिटी खुद से तय कर देती थी। विश्वविद्यालयों की ऐसी मनमानी पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाल ही में विश्वविद्यालयों के डीन और प्राचार्यों के साथ हुई बैठक में निदेशालय के अधिकारियों ने मनमानी का उल्लेख किया था। बताया गया था कि कई विश्वविद्यालयों से ऐसी सूचना मिली है कि बिना सरकार की अनुमति के स्नातक में सीट वृद्धि कर दाखिले शुरू कर दिए गए हैं। इसके बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह तय किया है कि अब विश्वविद्यालय को सभी वोकेशनल कोर्स और दूसरे स्नातक और PG कोर्स की जानकारी उच्च शिक्षा निदेशालय को पहले से भेजनी होगी।

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निदेशालय ने मांगा फीस का लेखा-जोखा
विश्वविद्यालयों की फीस में मनमानी की बात सामने आई है। इसे लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय ने विश्वविद्यालयों से फीस का पूरा लेखा-जोखा मांगा है। मामला कॉलेजों में अलग-अलग फीस होने का है, जिसे लेकर सरकार अब गंभीर हो रही है। इस गंभीर मामले में विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार की उच्च शिक्षा निदेशालय में बैठक भी है। फीस का मामला हाईकोर्ट में भी है। बिना अनुमति के कॉलेजों में फीस बढ़ा लेने की भी शिकायत पूर्व में आ चुकी है। ऐसी शिकायतों को लेकर ही निदेशालय गंभीर हुआ है।

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