PATNA : बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद अब महागठबंधन में सीटों का फाॅर्मूला करीब-करीब तय हो गया है। इसके तहत राजद 155, कांग्रेस 63 और तीनों वाम दल 25 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। एक दो दिनों में इसी फार्मूले पर सहमति के आसार हैं। तीनाें दलाें काे मिलने वाली सीटाें काे जाेड़ दिया जाए ताे यह 243 हाेती है और बिहार विधानसभा में कुल इतनी सीटें ही है। यानी, रालोसपा काे महागठबंधन से आउट कर दिया गया है। रालाेसपा के बारे में ऐसी संभावना पिछले कुछ दिनाें से जताई जा रही थी। क्याेंकि, उपेन्द्र कुशवाहा ने तेजस्वी यादव का नेतृत्व स्वीकार करने से मना कर दिया था। हालांकि उपेन्द्र समर्थकों को कांग्रेस नेतृत्व से अब भी आस है। महागठबंधन सूत्रों के मुताबिक, वीआईपी और झामुमाे को राजद अपने कोटे से सीट देने को तैयार है। वहीं एनसीपी का बिहार में प्रतिनिधित्व बनाये रखने के लिए उसे कांग्रेस के फोल्ड से टिकट लेने का सुझाव राजद ने दिया है। वैसे वीआईपी 10 से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहती है पर राजद इस पर एकदम तैयार नहीं है।

वर्ष 2015 में महागठबंधन के दो प्रमुख दल, राजद 101 और कांग्रेस 41 सीट पर चुनाव लड़े थे। उसी हिसाब से तब के महागठबंधन में जदयू वाली बची सीटों (101) को एडजस्ट करने की रणनीति बनी है। तीनों वाम दल माले, सीपीआई और सीपीएम में 25 सीट देने पर करीब-करीब निर्णय हो चुका है। ऐसे में 101 में से बची सीट 76 में कांग्रेस की 22 और राजद की 54 सीटों पर दावेदारी बनी है।

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कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि सीट बंटवारे के मसले पर सहयोगी दलों के साथ बातचीत चल रही है। गठबंधन के भीतर कोई समस्या नहीं है और सब कुछ ठीक-ठाक है। शीघ्र ही सभी बातें सामने आ जाएंगी। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि समय पर टिकट का बंटवारा हो जाना चाहिए। उपेंद्र कुशवाहा के मसले पर कहा कि उन्हें मन मुताबिक सीट नहीं मिली तो अलग बात कर रहे हैं। शनिवार को वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कांग्रेस के प्रमुख नेता अहमद पटेल से दिल्ली में मुलाकात की। सहनी ने बताया कि अहमद पटेल से विधानसभा चुनाव पर बातचीत हुई। कहा कि तेजस्वी से भी बातचीत होगी।

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