PATNA : गोपालगंज के बरौली प्रखंड के देवापुर के पास गुरुवार देर रात करीब 1 बजे गंडक की तेज धार से सारण मुख्य बांध टूट गया। इससे गोपालगंज के अलावा सारण और सीवान के 14 प्रखंडों की करीब 15 लाख आबादी पर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। एनएच-28 पर भी पानी चढ़ गया है। बांध टूटने से सीवान की बाहा और सारण की सरयू नदी में भी उफान आ गया है। उधर, नेपाल और उत्तर बिहार में लगातार बारिश के बीच 14 बड़ी नदियां खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गई हैं। महज 24 घंटे में पांच नदियां लाल निशान को पार कर गईं। कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला, ललबकिया, अधवारा, खिरोई, महानंदा पहले से ऊपर थी। भुतही बलान, खांडो के अलावा घाघरा, परमान भी लाल निशान पार कर गईं। पटना में पुनपुन के साथ गंगा व सोन के जलस्तर में भी वृद्धि हो रही है।

पुनपुन के पानी में 24 घंटे में 26 सेमी की बढ़ोतरी हुई। यह हर घंटे एक सेमी से भी अधिक है। पटना के श्रीपालपुर में यह खतरे के निशान से 24 सेमी ऊपर बह रही है। गंगा में पटना में 17 सेंटीमीटर से 23 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। नदियों में उफान के बीच सूबे में तटबंधों पर भारी दबाव है। कई स्थानों पर रिसाव भी शुरू है। बढ़ते दबाव को देखते हुए रात में भी पेट्रोलिंग शुरू कर दी गई है।

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बिहार में दक्षिणी पश्चिमी मानसून एक्टिव है। मानसून का टर्फ लाइन गया से कोलकाता हाेते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर जा रहा है। इससे हवा में नमी मिलेगी। इस वजह से गंगा के मैदानी क्षेत्राें में आने वाले और गया के आसपास के जिलाें पटना, वैशाली, लखीसराय, भागलपुर, बांका, गया, बेगूसराय आदि में मध्यम से भारी बारिश हाेने की उम्मीद है।

माैसम विभाग ने 27 जुलाई तक के लिए वज्रपात और मेघ गर्जन की चेतावनी जारी की है। पिछले 24 घंटे में बैरगनिया में 120एमएम, महुआ में 110 एमएम, बेलसंड में 90 एमएम, बड़हिया और जंदाहा में 70-70 एमएम बारिश हुई। माैसम वैज्ञानिक एसके पटेल ने बताया कि गया से टर्फ लाइन गुजर रहा है। इससे पटना समेत गंगा के मैदानी क्षेत्राें में अच्छी बारिश हाेने की उम्मीद है।

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