कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 22 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है.

इस बैठक में कोरोना वायरस महामारी के बीच प्रवासी कामगारों की स्थिति और मौजूदा संकट से निपटने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों और आर्थिक पैकेज पर मुख्य रूप से चर्चा होगी.न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि करीब 17 राजनीतिक दलों ने इस बैठक में शामिल होने पर सहमति जताई है. यह बैठक 22 मई को दोपहर तीन बजे बुलाई गई है.

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विपक्ष की बड़ी बैठक में ममता-उद्धव समेत कई पार्टियों के नेता होंगे शामिल. इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, एनसीपी नेता शरद पवार, डीएमके नेता एमके स्टालिन समेत 15 राजनीतिक दलों के नेता हिस्सा लेंगे. सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में लगभग 28 राजनीतिक दल शामिल हो सकते हैं. करीब 17 राजनीतिक दलों ने इसमें शामिल होने पर सहमित जताई है, हालांकि अभी तक समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने अब तक बैठक में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है.

बता दें कि कोरोना लॉकडाउन के बीच बड़ी संख्या में कामगार बड़े शहरों से अपने घर जाने के लिए पैदल जाते हुए देखे गए हैं. कई जगहों पर हुई दुर्घटनाओं में कई मजदूरों की मौत भी हो गई है. ऐसे में विपक्षी दलों ने सरकार पर प्रवासी कामगारों से जुड़े संकट से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है. विपक्ष की बैठक में कुछ प्रदेशों में श्रम कानूनों में हालिया बदलावों को लेकर भी चर्चा होगी. पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सोनिया ने कई विपक्षी नेताओं को निजी तौर पर फोन किया और प्रवासी कामगारों के मुद्दे के निदान के लिए साझा रणनीति बनाने में उनका सहयोग मांगा.

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