सुप्रीम कोर्ट द्वारा आज होने वाली सुनवाई के दौरान यदि सीबीएसई की सेकेंड्री और हायर सेकेंड्री कक्षाओं को टाले जाने फैसला सुनाया जाता है तो बोर्ड के इंटर्नल मार्किंग का विकल्प अपना सकता है। आज सीबीएसई की जुलाई में होने वाली बची परीक्षाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज दोपहर 2 बजे सुनवाई होनी है, जिसके लिए 23 जून को सुनवाई हुई में आज तारीख निर्धारित की गयी थी। इस मतलब है कि सीबीएसई बोर्ड के 12वीं और 10वीं के बचे पेपरों के टाले जाने का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए आज बड़ा दिन है।


उच्चतम न्यायालय में आज यदि बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित किये जाने के आदेश होता हो तो सीबीएसई द्वारा बचे पेपरों के लिए इंटर्नल एसेसमेंट के आधार पर अंक दिये जा सकते हैं। जैसा कि बोर्ड ने हाल में रद्द किये गये पेपरों के लिए आदेश दिया था। जिसके अनुसार बचे 40 पेपरों की बजाय केवल 29 विषयों के लिए पेपर आयोजित करने का फैसला किया गया था और शेष के लिए इंटर्नल मार्किंग से नंबर दिये जाने थे। इस स्थिति में बचे पेपरों के लिए छात्रों को पहले आयोजित किये जा चुके टेस्ट और होम एग्जाम के अनुसार अंक दिये जाएंगे। यदि किसी छात्र को अपने अंक कम लगेंगे तो उन्हें बाद में परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर दिया जाएगा।

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दो दिन पहले 23 जून को उच्चतम न्यायालय में हुई बोर्ड परीक्षाओं के मामले की सुनवाई के बाद सीबीएसई एवं एचआरडी मंत्रालय द्वारा अधिक समय की मांग किये जाने के बाद न्यायालय ने आज 25 जून को दो बजे अगली सुनवाई की तरीख निश्चित की थी। दोपहर 2 बजे की सुनवाई के बाद उम्मीद की जा सकती है कि सीबीएसई बोर्ड कक्षा 12 और कक्षा 10 की परीक्षाओं के आयोजन पर संशय समाप्त हो पाएगा।
क्या हुआ था पिछली 23 जून की सुनवाई में?

उच्चतम न्यायालय में सीबीएसई की देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कक्षा 12 की और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के केंद्रों पर कक्षा 10 की बची बची परीक्षाओं के तय आयोजन के विरूद्ध कुछ पैरेंट्स द्वारा याचिका दायर की गयी थी। इसी याचिका की सुनवाई 23 जून को की गयी थी, जिसमें केंद्र और सीबीएसई बोर्ड का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय से और समय की माग की। इसी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की सुनवाई 25 जून तक टाल दी थी।
क्या टल सकती हैं सीबीएसई बोर्ड एग्जाम जुलाई 2020?

सीबीएसई बोर्ड 12वीं और 10वीं की बची परीक्षाओं के लिए आयोजन की तिथियां 1 जुलाई से 15 जुलाई निर्धारित की गयी हैं। लेकिन कोविड-19 महामारी के लगातार बढ़ते मामलों के मद्देनजर तमाम छात्रों और पैरेंट्स ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से परीक्षाओं को स्थगित या रद्द करने की मांग की है। इस क्रम में एचआरडी मंत्रालय के सूत्रों के प्राप्त जानकारी के अनुसार परीक्षाओं को टाले जाने को लेकर तैयारी पूरी कर ली गयी है और संभावना जताई जा रही है कि या तो बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित किया जा सकता है, या फिर कॉलेज एडमिशन प्रॉसेस को देखते हुए इंटर्नल एसेसमेंट के आधार पर मार्क्स दिये जा सकते हैं। इस स्थिति में परीक्षाओं का आयोजन बाद में भी किया जा सकता है।

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