Patna: बिहार के रहने वाले फिल्म स्टार सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या की खबर से न सिर्फ उनके चाहने वाले दर्शक, बल्कि प्रदेश के खगड़िया स्थित उनके ननिहाल के लोग भी दुखी हैं.

पटना में जन्मे सुशांत सिंह राजपूत की शुरुआती शिक्षा राजधानी के सेंट कैरेंस स्कूल में हुई. उनके पिता सरकारी सेवा में थे. इसलिए कुछ दिनों बाद वे दिल्ली शिफ्ट हो गए. पटना में जन्मे सुशांत सिंह राजपूत की शुरुआती शिक्षा राजधानी के सेंट कैरेंस स्कूल में हुई. उनके पिता सरकारी सेवा में थे. इसलिए कुछ दिनों बाद वे दिल्ली शिफ्ट हो गए.

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पटना में जन्मे सुशांत सिंह राजपूत की शुरुआती शिक्षा राजधानी के सेंट कैरेंस स्कूल में हुई. उनके पिता सरकारी सेवा में थे. इसलिए कुछ दिनों बाद वे दिल्ली शिफ्ट हो गए.

सुशांत सिंह की ननिहाल बिहार के खगड़िया जिले में है, जहां पिछले साल वे एक पारिवारिक कार्यक्रम के सिलसिले में आए थे. सुशांत सिंह की ननिहाल बिहार के खगड़िया जिले में है, जहां पिछले साल वे एक पारिवारिक कार्यक्रम के सिलसिले में आए थे. सुशांत सिंह की ननिहाल बिहार के खगड़िया जिले में है, जहां पिछले साल वे एक पारिवारिक कार्यक्रम के सिलसिले में आए थे.

मुंडन कार्यक्रम में शरीक होने आए सुशांत इस दौरान खगड़िया से लगे सहरसा में खूब घूमे. यहां के लोगों के साथ आसपास का इलाका देखा. साथ ही युवाओं के साथ क्रिकेट भी खेली. इन सब को याद कर आज यहां के लोग दुखी हैं कि कैसे एक उभरते सितारे ने खुदकुशी कर ली. मुंडन कार्यक्रम में शरीक होने आए सुशांत इस दौरान खगड़िया से लगे सहरसा में खूब घूमे. यहां के लोगों के साथ आसपास का इलाका देखा. साथ ही युवाओं के साथ क्रिकेट भी खेली. इन सब को याद कर आज यहां के लोग दुखी हैं कि कैसे एक उभरते सितारे ने खुदकुशी कर ली.

मुंडन कार्यक्रम में शरीक होने आए सुशांत इस दौरान खगड़िया से लगे सहरसा में खूब घूमे. यहां के लोगों के साथ आसपास का इलाका देखा. साथ ही युवाओं के साथ क्रिकेट भी खेली. इन सब को याद कर आज यहां के लोग दुखी हैं कि कैसे एक उभरते सितारे ने खुदकुशी कर ली.

खगड़िया के लोगों ने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत करीब 17 साल के बाद अपने ननिहाल आए थे. यहां आने के दौरान रिश्तेदारों के अलावा अन्य लोगों से भी उनका मिलने-जुलने का तरीका बेहद दोस्ताना था. खगड़िया के लोगों ने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत करीब 17 साल के बाद अपने ननिहाल आए थे. यहां आने के दौरान रिश्तेदारों के अलावा अन्य लोगों से भी उनका मिलने-जुलने का तरीका बेहद दोस्ताना था.

खगड़िया के लोगों ने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत करीब 17 साल के बाद अपने ननिहाल आए थे. यहां आने के दौरान रिश्तेदारों के अलावा अन्य लोगों से भी उनका मिलने-जुलने का तरीका बेहद दोस्ताना था.

सुशांत सिंह राजपूत के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य आज भी राजधानी पटना में ही रहते हैं. सुशांत की मौत की खबर आते ही पटना में उनके आवास पर लोग जुटने लगे. सुशांत सिंह राजपूत के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य आज भी राजधानी पटना में ही रहते हैं. सुशांत की मौत की खबर आते ही पटना में उनके आवास पर लोग जुटने लगे. सुशांत सिंह राजपूत के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य आज भी राजधानी पटना में ही रहते हैं. सुशांत की मौत की खबर आते ही पटना में उनके आवास पर लोग जुटने लगे.

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