Patna: सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिग में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने बिहार सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि जब तक केंद्र अपने गाइड लाइन में बदलाव नहीं करेगी तब तक बिहार से बाहर फंसे छात्रों को वापस लाना संभव नहीं होगा. इसके बाद तो बिहार की राजनीति उबल पड़ी और विपक्ष ने सीएम नीतीश की मंशा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.

वहीं बीजेपी ने भी इस मामले में खुद को पाक-साफ दिखाने की कोशिश की और बिहार सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर चल पड़ी.अब बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बीजेपी की इस रणनीति पर तंज कसते हुए डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी पर कटाक्ष किया है.

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तेजस्वी यादव ने सुशील मोदी का एक ट्वीट शेयर करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, इनके दिमाग़ की लालटेन अब जली. सभी भाजपा शासित सहित अन्य प्रदेशों ने अपने छात्रों को बुला लिया है, लेकिन इन महोदय ने 15 दिन से ज़ुबान पर ताला लगा रखा है. इनके ख़ास विधायक व सचेतक VIP पास लेकर अपने बच्चों को कोटा से ले आए, उसपर कुछ नहीं बोलेंगे. आम आदमी, बच्चे और मज़दूर मरे, इन्हें क्या?

तेजस्वी यादव का सुशील मोदी पर कटाक्ष- इनके दिमाग की लालटेन अब जली !

बता दें कि तेजस्वी यादव ने सुशील मोदी के उस वक्तव्य को लेकर निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था, प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोटा और देश के अन्य शहरों में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए एक समान नीति बनाने की तात्कालिकता पर जिस तरह से जोर दिया, उससे अब जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकलेगा जिस लॉकडाउन से भारत हजारों लोगों का जीवन बचाने में सफल हुआ उसके नियमों का पालन करते हुए हमारे छात्र अपनों के बीच होंगे.

बता दें कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने भी कोटा से छात्रों को वापस बुलाने की मांग बिहार सरकार के सामने रखी है. संजय जायसवाल लगातार अपने फेसबुक पर इस बात को लिखते रहे हैं. संजय जायसवाल ने दूसरे राज्य में दिहाड़ी मजदूरी कर रहे लोगों को भी वापस बुलाने की मांग सरकार के सामने रखी है.

हालांकि कोटा से छात्रों को वापस बुलाने को लेकर जेडीयू की अलग राय है. जेडीयू के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह में कहा कि छात्रों को वापस बुलाना बड़ी बात नहीं है. लेकिन इससे सोशल डिस्टेंसिंग खत्म होती है. बाहर के राज्यों से लोगों को बुलाने से कोरोना का खतरा बिहार पर ज्यादा बढ़ जाएगा. बिहार सरकार सभी मामले को गंभीरता से देख रही है और इस पर जल्द ही फैसला किया जाएगा.

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