PATNA : महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर राष्‍ट्रीय जनता दल के रवैये से निराश राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी अब कांग्रेस के भरोसे चल रही है। आरजेडी से सम्मानजनक सीटों को लेकर कोई भरोसा नहीं मिलने से आरएलएसपी उलझन में है। सूत्रों का कहना है कि पहले आरजेडी और कांग्रेस के बीच ही बंटवारा होगा, उसके बाद ही अन्य दलों को तरजीह दी जाएगी। बताया जा रहा है आरजेडी खुद 160 सीटें चाहता है। कांग्रेस भी 90 सीटों से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं। उधर, आरएलएसपी को भी सम्‍मानजनक सीटें चाहिए।

चर्चा यह शुरू हो गई है कि कांग्रेस के कोटे में जाने वाली सीटों से ही आरएलएसपी के हिस्से में कुछ आएगा। उधर, आरएलएसपी सम्मानजनक सीटों से कम पर राजी होने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि महागठबंधन में सीटों के बंटवारे में देरी होते देख आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा पिछले दिनों दिल्ली जाकर कांग्रेस के प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। आरएलएसपी के एक प्रमुख नेता ने बताया कि उपेंद्र कुशवाहा ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं से महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को जल्द सुलझाने का अनुरोध किया है, लेकिन इस पर भी अबतक बात नहीं बनी है। इधर सीटों के बंटवारे में देरी होते देख कांग्रेस ने चुनाव की तैयारी अपने बूते शुरू कर दी है। पिछली बार महागठबंधन में उसे 43 सीटें मिली थीं, जिनमें से 27 पर जीत मिली थी। अबकी यह संख्या बढ़ाने की तैयारी है। इस बार कांग्रेस 90 सीटों से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं। आरजेडी की इच्छा खुद के पास कम से कम 160 सीटें रखने की है। दिक्कत रालोसपा और वीआइपी के साथ है जिन्हें सीटों के लिए राजद का मोहताज होना पड़ रहा है।

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