देहरादून:उधमसिंहनगर जिले के पंतनगर में लगभग 1100 एकड़ जमीन पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जाएगा. प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह घोषणा करते हुए कहा कि यह उत्तराखंड का पहला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा. नए ग्रीनफील्ड हवाई अडडे के निर्माण हेतु पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की 1072 एकड़ भूमि का चयन किया गया है जिसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा निरीक्षण के बाद प्री फिजीबिलिटी सर्वे की रिपोर्ट में तकनीकी रूप से उपयुक्त पाया गया है.

पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से देश व विदेश से आने वाले पर्यटकों को सीधे उत्तराखंड आने और यहीं से लंदन, न्यूयार्क, दुबई और बैंकाक आदि विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भरने में सुविधा होगी.

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पंतनगर हवाई अडडे से अब तक केवल छोटे विमान ही संचालित किये जा रहे थे जबकि नये एयरपोर्ट के निर्माण के बाद वहां से बोईंग और एयरबस जैसे बड़े यात्री विमानों का भी संचालन शुरू हो जाएगा.

उधम सिंह नगर के किसानों को होगा फायदा

प्रदेश के पर्यटन विभाग द्वारा शुक्रवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से ऊधमसिंह नगर के किसानों को भी फायदा होगा और उनके फल, फूल, सब्जी व अनाज जैसे उत्पाद राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचेंगे.

कुमांउ मंडल में पंतनगर हवाई अडडे को काफी महत्वपूर्ण बताते हुए प्रदेश के पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि विशिष्ट भौगोलिक स्थिति एवं पर्यटन स्थलों के समीप होने के कारण यात्रियों एवं पर्यटकों के आवागमन हेतु यह अत्यंत उपयोगी है.

मौजूदा हवाई अड्डे का विस्तार संभव नहीं

उन्होंने बताया कि वर्तमान पंतनगर हवाई अडडे के आस-पास स्थित 500-600 भवनों में पांच हजार से छः हजार की आबादी निवास कर रही है जिस कारण इसका विस्तार करना संभव नहीं है.

जावलकर ने कहा कि नए हवाई अडडे से देश-विदेश के साथ ही राज्य के अन्य शहरों जैसे देहरादून, पिथौरागढ़ के लिए भी हवाई सेवायें आरंभ होगी. उन्होंने बताया कि इस हवाई अडडे के निर्माण के प्रथम चरण में एक रनवे का निर्माण प्रस्तावित है जबकि द्वितीय चरण में इसका विस्तार किया जाएगा और यह विस्तार भी दो चरणों में किया जाना प्रस्तावित है.

सचिव ने बताया कि द्वितीय चरण के पश्चात् यह हवाई अडडा 50 वर्षों के लिए क्षेत्रीय हवाई यातायात की आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा. जावलकर ने कहा कि यह हवाई अड्डा आधुनिकतम सुविधाओं से लैस होगा जहां पर्याप्त पार्किंग और अधिकतम यात्री सुविधाओं को सुनिश्चित किया जायेगा.

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में हवाई अड्डे को पीपीपी मोड़ या जेवीसी के माध्यम से निर्मित करने का भी सुझाव दिया गया है. जावलकर ने बताया कि इस भूमि को ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जाने हेतु निशुल्क हस्तांतरित करने का प्रस्ताव प्रदेश मंत्रिमंडल के सामने पेश किया जाएगा.

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